मनुवादियों को ठोकर मारी,
शादी तो बौद्ध धम्म से करके ही मानी।
Updates: MP सिंगरौली, राजेन्द्र कुमार
पूरे परिवार के साथ अंधविश्वास, पाखंड आदि को छोड़कर बिना चाटुकारिता के बौद्ध पद्धति से महात्मा बुद्ध एवं बाबा साहब डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की प्रतिमा के सामने अपना पूरा जीवन साथ बिताने की कसमें खाई।
यह शादी पूरे परिवार व समाज के उपस्थित में समाज को और महात्मा बुद्ध को साक्षी मानकर अपने दाम्पत्य जीवन की शुरुआत की।
परिवार का कहना था कि
हमारे देश में में जो मनुवादी विचारधारा से लोगों को डराया गया है, उनके मन में जो अंधविश्वास को फैलाया गया है, अब हम इसे समझ चुके हैं और यह भी जानते हैं कि इस गुलामी की जंजीरों से हमें किस तरह से निकालना है और इस समाज को किस तरह से इस दलदल से बाहर निकलना है।
परिवार वालों के अनुसार रिश्तेदार इस शादी पद्धति का अंदरूनी और कुछ खुलकर विरोध में सामने आये तो कुछ ने सहयोग भी जताया।
लॉकडाउन में ही कि गई यह शादी
ज्ञानेन्द्र जी और उर्मिला जी की इस शादी को लॉकडॉउन के नियमों का पालन करते हुए सम्मपन्न किया गया।
समाज को मिली प्रेरणा
अभी तक सिंगरौली जिले या अपने देश में ऐसे कम ही लोग हैं जो कि बौद्ध पद्धति से शादी करने की कोशिश करते हैं, क्योंकि उनका समाज यह करने से रोकता है। लेकिन जब यह समाज किसी और व्यक्ति को देखता है तो कुछ साहस करके अपने रिश्तेदारों को भी समझा करके करने की कोशिश जरूर करते हैं।
देखिए शादी का एक छोटा सा वीडियो

